केजरीवाल ने RML अस्पताल पहुंचकर घायलों से की मुलाकात, ICU में भर्ती छात्रा को लेकर जताई चिंता
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केजरीवाल ने RML अस्पताल पहुंचकर घायलों से की मुलाकात, ICU में भर्ती छात्रा को लेकर जताई चिंता
Author: Mr. Shadab
Published: 21 July 2026
Updated: 21 July 2026
Reading Time: 6 Minutes
RML अस्पताल पहुंचे अरविंद केजरीवाल
संसद मार्च के दौरान घायल हुए छात्रों और प्रदर्शनकारियों से मिलने के लिए आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल मंगलवार को दिल्ली के डॉ. राम मनोहर लोहिया (RML) अस्पताल पहुंचे। उन्होंने अस्पताल में भर्ती घायलों का हालचाल जाना और उनके परिजनों से भी मुलाकात की।
ICU में भर्ती छात्रा को लेकर जताई चिंता
अस्पताल से बाहर आने के बाद केजरीवाल ने कहा कि उन्हें डॉक्टरों ने बताया है कि अधिकांश घायल अस्पताल से छुट्टी पा चुके हैं, लेकिन एक छात्रा अब भी ICU में भर्ती है और उसकी हालत गंभीर बताई गई है। उन्होंने छात्रा के परिवार से मुलाकात कर उसके जल्द स्वस्थ होने की कामना की।
केजरीवाल ने क्या कहा?
मीडिया से बातचीत में केजरीवाल ने कहा कि कई घायल छात्रों और पुलिसकर्मियों को अलग-अलग अस्पतालों में लाया गया था। उन्होंने यह भी कहा कि अभी सभी घायलों की पूरी जानकारी उपलब्ध नहीं है और कुछ परिवार अपने बच्चों की तलाश कर रहे हैं।
उन्होंने घोषणा की कि उनकी पार्टी कानूनी और चिकित्सा सहायता के लिए एक हेल्पलाइन शुरू करेगी, ताकि घायल लोगों और उनके परिवारों को आवश्यक सहयोग मिल सके।
पुलिस स्टेशन भी जाने की बात
केजरीवाल ने कहा कि वह पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन जाकर यह जानकारी लेने की कोशिश करेंगे कि कितने लोगों को हिरासत में लिया गया है, कितनी FIR दर्ज हुई हैं और हिरासत में लिए गए लोगों की स्थिति क्या है। उनका कहना था कि परिवारों को अपने परिजनों की जानकारी मिलनी चाहिए।
राजनीतिक बहस तेज
केजरीवाल की अस्पताल यात्रा ऐसे समय हुई है जब संसद मार्च के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर राजनीतिक बहस तेज है। विपक्ष पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठा रहा है, जबकि प्रशासन का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए। मामले को लेकर अलग-अलग पक्षों के दावे सामने आए हैं और कई पहलुओं पर आधिकारिक जांच और जानकारी का इंतजार है।
आगे क्या?
घटना के बाद घायलों के इलाज, हिरासत में लिए गए लोगों की स्थिति और सरकार व आंदोलनकारी संगठनों के बीच संभावित बातचीत पर सभी की नजरें टिकी हैं। आने वाले दिनों में प्रशासनिक और राजनीतिक स्तर पर होने वाले फैसले इस पूरे घटनाक्रम की दिशा तय कर सकते हैं।
